How does Sahajayoga Mediation Help ?

First Page 2000 Website Builder सहजयोग क्या हैं ?

सहजयोग व्यक्तिगत चेतना की सर्व व्यापी परमेश्वरी शक्ति से नैसर्गिक एकाकारिता है, जो सभी मनुष्यों में उनकी रीढ़ के अंत में स्थित पावन त्रिकोणाकार अस्थि में सुप्तावस्था में स्थित कुण्डलिनी की अवशिष्ट शक्ति की जागृति से घटित होती है।
...और जानिए
First Page 2000 Website Builder कुण्डलिनी शक्ति और सहजयोग
सृष्टा से हमारी एकाकारिता कराती है कुण्डलिनी! कुण्डलिनी परमात्मा की ही शक्ति है.. संपूर्ण शक्ति.. जो मनुष्य की रीढ़ की हड्डी के निचे के त्रिकोणी हिस्से (Sacrum bone) में साढे-तिन कुण्डलों में विद्यमान रहती हैं। आत्मसाक्षात्कारी गुरु या महापुरुष के संपर्क में आने पर ये कुण्डलिनी शक्ति जागृत हो जाती है और मनुष्य के शरीर के छः उर्जा केन्द्रों यानि चक्रों के अंदर से निकलकर सर के उपरी भाग में स्थित सातवे चक्र को भेद कर सृष्टा से हमारी एकाकारिता करा देती है। यह एक सहज घटना है, एक जिवंत क्रिया है! मानव के अध्यात्मिक विकास की अन्तिम अवस्था है। महायोग है.. सहजयोग है!
...और जानिए

सूक्ष्म तंत्र (उत्क्रांति का मध्य मार्ग)

First Page 2000 Website Builder


१) मूलाधार चक्र
२) स्वाधिष्ठान चक्र
३) नाभि चक्र
३.अ) भवसागर चक्र
४) अनाहत चक्र
५) विशुद्धि चक्र
६) आज्ञा चक्र
७) सहस्रार चक्र

शरीर में नाडियाँ
१) इडा नाडी २) पिंगला नाडी ३) सुषुम्ना नाडी

DOWNLOAD BROCHURE

एक ही चीज़ मुझे खुशी दे सकती है और वह है कि जैसा प्यार मैंने आपसे किया है, वही प्यार आप एक दुसरे से करें

- श्री माताजी निर्मला देवी


कुण्डलिनी शक्ति और सहजयोग

सृष्टा से हमारी एकाकारिता कराती है कुण्डलिनी! कुण्डलिनी परमात्मा की ही शक्ति है.. संपूर्ण शक्ति.. जो मनुष्य की रीढ़ की हड्डी के निचे के त्रिकोणी हिस्से (Sacrum bone) में साढे-तिन कुण्डलों में विद्यमान रहती हैं। आत्मसाक्षात्कारी गुरु या महापुरुष के संपर्क में आने पर ये कुण्डलिनी शक्ति जागृत हो जाती है और मनुष्य के शरीर के छः उर्जा केन्द्रों यानि चक्रों के अंदर से निकलकर सर के उपरी भाग में स्थित सातवे चक्र को भेद कर सृष्टा से हमारी एकाकारिता करा देती है। यह एक सहज घटना है, एक जिवंत क्रिया है! मानव के अध्यात्मिक विकास की अन्तिम अवस्था है। महायोग है.. सहजयोग है!

- श्री माताजी निर्मला देवी

 

050 709 29 42

050 576 57 86

056 636 38 87